हर घर में शोर चल रहा हैं
लोकतंत्र में तानाशाही का दौर चल रहा हैं
खुद की खबर है ही नहीं
की हम, हम हैं कि नहीं,
देश तो द्वेष में गुम हैं
हर बात में धुंध हैं,
बोले बोल में धर्मनिरपेक्षता
और जात - धर्म को हैं बेचता,
सीमाओं पर वीर गोली से हो शहीद
नेता देशभक्ति के बोल से बने प्रसिद्ध,
और हर घर में शोर चल रहा हैं
लोकतंत्र में तानाशाही का दौर चल रहा हैं.
लोकतंत्र में तानाशाही का दौर चल रहा हैं
खुद की खबर है ही नहीं
की हम, हम हैं कि नहीं,
देश तो द्वेष में गुम हैं
हर बात में धुंध हैं,
बोले बोल में धर्मनिरपेक्षता
और जात - धर्म को हैं बेचता,
सीमाओं पर वीर गोली से हो शहीद
नेता देशभक्ति के बोल से बने प्रसिद्ध,
और हर घर में शोर चल रहा हैं
लोकतंत्र में तानाशाही का दौर चल रहा हैं.
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