Thursday, 12 October 2017

एकता - अनेकता -अखण्डता

                   एकता - अनेकता -अखण्डता 

एकता - अनेकता -अखण्डता  के लिये 
आओ भारत वीर अब हम जीये 
बस एक रंग और एक मन के लिये 
आओ भारत वीर अब हम जीये ,


कर के याद लौह -वीर पुरुषाों  की कुर्बानी 
और करे याद लक्ष्मी -रानी की कहानी 


क्या भूल गए हो वो ग़ुलामी की जंजीरे 
राहें थी बाहे भी थी फिर भी भूले थे मंजिले 


तो आओ तोड़ चले जाति -धर्म  की दीवारें 
और बना दे निर्भय -निष्चल हिमालय -सी मीनारे 


गाँधी -पटेल -आजाद -सा स्वप्न लिए 
आओ भारत वीर अब हम जीए 

एकता - अनेकता -अखण्डता  के लिये
बस एक रंग और एक मन के लिये 
आओ भारत वीर अब हम जीये।