Sunday, 1 February 2015

नामी - गिरामी {कविता }

नामी - गिरामी {कविता }

केजीरवाल अगर भगोड़ा हैं 
तो किरण भी उसी कढ़ाई की पकोड़ा हैं ,
सोनिया बस नाम की गाँधी हैं  
अन्ना के नाम पर "आप" की चाँदी हैं ,
भाजपा के मोदी हैं 
या बीजेपी मोदी की गोदी हैं !

                      -रवि कुमार गुप्ता 
                      गोपालगंज , बिहार 

टूटता - लोकतंत्र {कविता}

          टूटता - लोकतंत्र 

वादों की ले झूठी तलवार
गरीबो को ना भरमाओ सरकार
पहन के तुम सफ़ेद चोला
लोकतंत्र पर ना करो प्रहार

गली - गली ना बदलो भाषा
ना तुम तोड़ो समाजवाद की आशा
संविधान को ना बनाओ बाजार
लोकतंत्र पर ना करो प्रहार.