Thursday, 12 January 2017

एकता - अनेकता - अखण्डता

एकता - अनेकता - अखण्डता 

एकता - अनेकता - अखण्डता  के लिए 
आओं भारत वीर अब हम जीयें 
बस एक रंग और एक मन लिए 
आओं भारत वीर अब हम जीयें ,

कर के याद लौह - वीर - पुरुषों की कुर्बानी 
और करे याद लक्ष्मी - रानी की कहानी ,

क्या भूल गए हो वो गुलामी की ज़ंज़ीरे 
राहें थी , बाहें भी थी फिर भी भूले थे मंज़िले ,

तो आओ तोड़ चले जाति - धर्म की दीवारें 
और बना दे , निर्भय - निश्छल  हिमालय - मीनारें ,

गाँधी - भीम - पटेल सा स्वप्न लिए 
आओं भारत वीर अब हम जीयें
एकता - अनेकता - अखण्डता  के लिए
बस एक रंग और एक मन लिए
आओं भारत वीर अब हम जीयें ।।