जो लूट गई वो नारी है या नहीं
जो टूट गई वो नारी है या नहीं
जो बुझ गई वो नारी है या नहीं
जो डूब गईवो नारी है या नहीं
जो घूंट गई वो नारी है या नहीं
जो छुट गई वो नारी है या नहीं
जो गिर गई वो नारी है या नहीं
जो मिट गई वो नारी है या नहीं!
हाँ! हाँ! मैं नारी हूँ
और भी अाजमा लो पैंतरे
मुझे शोषित करने का,
उठा लो फायदा
मेरे चूङी पहनने का
घूंघट को ओढ़ने का,
अब तो यकीन हो गया ना
की मैं सिसकती दुबकी नारी हूँ,
पर जरा अपने उठते हाथ से पूछो
बंद चारदीवारी की मार से पूछो
और फौजी - जवानों से पूछो
की माँ - बेटी को मर्दानगी दिखाने वाले
बिस्तर पर रौंदने वाले क्या है?
वो नारी है या नहीं!
जो टूट गई वो नारी है या नहीं
जो बुझ गई वो नारी है या नहीं
जो डूब गईवो नारी है या नहीं
जो घूंट गई वो नारी है या नहीं
जो छुट गई वो नारी है या नहीं
जो गिर गई वो नारी है या नहीं
जो मिट गई वो नारी है या नहीं!
हाँ! हाँ! मैं नारी हूँ
और भी अाजमा लो पैंतरे
मुझे शोषित करने का,
उठा लो फायदा
मेरे चूङी पहनने का
घूंघट को ओढ़ने का,
अब तो यकीन हो गया ना
की मैं सिसकती दुबकी नारी हूँ,
पर जरा अपने उठते हाथ से पूछो
बंद चारदीवारी की मार से पूछो
और फौजी - जवानों से पूछो
की माँ - बेटी को मर्दानगी दिखाने वाले
बिस्तर पर रौंदने वाले क्या है?
वो नारी है या नहीं!
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