Friday, 30 September 2016

जवानी सरहद की दीवानी

जवानों की जवानी
सरहद की दीवानी
गोले बारूद बंदूक
लिखे इनकी कहानी
हो हवाएं सर्द-गर्म जितनी
सिने से लिपटी रहे माटी रानी
कर मोहब्बत सैनिकों-सी
छूने जो आये गैर हवाएं भी तो
कर दे छलनी गैरों की जवानी
या लूटा दे अपनी जवानी।।

Thursday, 29 September 2016

सून ले...

हम नाराज़ ही सही पर झूठे नहीं
बेवजह रूठे नहीं
मांगी हैं मैंने हक़ से
भीख के हम भूखें नहीं
ग़ौर से देखो ज़रा
हम भी कोई अंधे नहीं।।