कचरा -दहन
अब यूँ खामोश ना रहना हैं
अब गन्दगी न सहना हैं
बहुत कर लिए पुतला -दहन
अब कचरा -दहन करना हैं ,
हाथों को हाथों से मिला के
गली -गली झाड़ू लगा के
रोकना हैं खुली शौंच का चलन
रोकना हैं सड़क पर नाली का बहन ,
नदियों से नाले न मिलेंगे
अब गंगा में गाली न खिलेंगे
भारत को निर्मल बनाना हैं
सपनों का भारत सजाना हैं ,
पेड़ों -पौधों से चप्पे -चप्पे को भरना हैं
आने वाले कल को हरे रंगो से रंगना हैं
बहुत कर लिए पुतला -दहन
सपनों का भारत सजाना हैं ,
पेड़ों -पौधों से चप्पे -चप्पे को भरना हैं
आने वाले कल को हरे रंगो से रंगना हैं
बहुत कर लिए पुतला -दहन
अब कचरा -दहन करना हैं।
-रवि कुमार गुप्ता
M .A . in Journalism & Mass Comm. {1st year }
Central University of Orissa
Mob. no.- 9006944111, 09778022524
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inspired by PM Modi
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