एकता - अनेकता - अखण्डता
एकता - अनेकता - अखण्डता के लिए
आओं भारत वीर अब हम जीयें
बस एक रंग और एक मन लिए
आओं भारत वीर अब हम जीयें ,
कर के याद लौह - वीर - पुरुषों की कुर्बानी
और करे याद लक्ष्मी - रानी की कहानी ,
क्या भूल गए हो वो गुलामी की ज़ंज़ीरे
राहें थी , बाहें भी थी फिर भी भूले थे मंज़िले ,
तो आओ तोड़ चले जाति - धर्म की दीवारें
और बना दे , निर्भय - निश्छल हिमालय - मीनारें ,
गाँधी - भीम - पटेल सा स्वप्न लिए
आओं भारत वीर अब हम जीयेंएकता - अनेकता - अखण्डता के लिए
बस एक रंग और एक मन लिए
आओं भारत वीर अब हम जीयें ।।
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