जवां - ज़ुबाँ के शब्द [कविता सँग्रह ]
Friday, 30 September 2016
जवानी सरहद की दीवानी
जवानों की जवानी
सरहद की दीवानी
गोले बारूद बंदूक
लिखे इनकी कहानी
हो हवाएं सर्द-गर्म जितनी
सिने से लिपटी रहे माटी रानी
कर मोहब्बत सैनिकों-सी
छूने जो आये गैर हवाएं भी तो
कर दे छलनी गैरों की जवानी
या लूटा दे अपनी जवानी।।
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