बदबू कहाँ से आई हैं ?
ओह ये विशाल भवन
कितना विराट कितना सुन्दर
इसमें रहने वाले लोग
कितने सुशील -शिक्षित -सरल
कपड़े की चमक पर पलके रूकती नहीं
और सब के बदन पर कितनी साफ़ -सफाई हैं
पर ये बदबू कहाँ से आई हैं ?
ये छत तो फूस की हैं
इसकी दीवारे भी माटी की हैं
कितने शांत - सरल सब हैं
सबके द्वार पर ही रब हैं
माटी की खूशबू खूब लूभाई हैं
और कितनी साफ़ -सफाई हैं
पर ये बदबू कहाँ से आई हैं ?
-रवि कुमार गुप्ता "रणवीरा "
ऍम.ए.. इन जर्नलिज्म एण्ड मास कम्युनिकेशन
केंद्रीय विश्व्विद्यालय ,ओड़िसा
केंद्रीय विश्व्विद्यालय ,ओड़िसा
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